उत्तराखंड में इस बार होली का रंग कई लोगों पर भारी पड़ गया। रंग-गुलाल और मस्ती के बीच ऐसा हुड़दंग मचा कि मेडिकल इमरजेंसी के मामले अचानक बढ़ गए। हालात ऐसे बने कि आपातकालीन सेवा 108 एम्बुलेंस दिनभर सड़कों पर दौड़ती रहीं और अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती गई।
कैंप आपातकालीन सेवा 108 के महाप्रबंधक (प्रोजेक्ट्स) अनिल शर्मा के अनुसार, होली और उससे एक दिन पहले के दौरान कॉल्स में जबरदस्त उछाल आया। तीन दिनों के भीतर कुल 1229 लोगों को 108 सेवा के माध्यम से मदद पहुंचाई गई। सामान्य दिनों में जहां 108 कॉल सेंटर पर रोजाना करीब 15-20 सड़क दुर्घटनाओं के मामले आते हैं, वहीं होली के दिन अकेले 165 सड़क हादसे दर्ज किए गए। तेज रफ्तार, नशे में वाहन चलाना और सड़कों पर मचा हुड़दंग इसकी बड़ी वजह रहा।
आंकड़ों के मुताबिक होली के दिन 292 प्रसव संबंधी मामले, 165 सड़क दुर्घटनाएं, 66 हृदय रोग से जुड़े केस और 706 अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़े कॉल्स आए। इसके अलावा 165 कॉल पुलिस से संबंधित थीं, जिन्हें कंट्रोल रूम को ट्रांसफर किया गया।
देहरादून जिले में ही 108 एम्बुलेंस ने 224 लोगों को अस्पताल पहुंचाया, जिनमें 58 प्रसव, 36 सड़क दुर्घटना, 12 हृदय रोग और 118 अन्य मामले शामिल रहे।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि त्योहार का आनंद लें, लेकिन जिम्मेदारी के साथ। क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही, होली की खुशियों को अस्पताल की बेड तक पहुंचा सकती है।
